*_यमुना एक्सप्रेसवे पर जिंदा जले 19 लोग; 11 शवों के DNA मैच, परिजन लाश लेकर रवाना, 4 की रिपोर्ट आनी बाकी_*
मथुरा/आगरा : यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की टक्कर में जिंदा जले 11 शवों के डीएनए मैच हो गए हैं. मंगलवार को इनमें से 9 शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए. जिलाधिकारी ने आर्थिक राहत कोष से एंबुलेंस उपलब्ध कराई. परिवार के लोग शवों को लेकर अपने-अपने गृह जनपद के लिए रवाना हो गए. हादसे में कुल 19 लोगों की मौत हुई थी. 15 शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए गए थे. अभी 4 शवों की पहचान होनी बाकी है.
हादसे में जान गंवाने वाले जिन शवों की पहचान हुई, उनमें हमीरपुर निवासी शैलेंद्र, जालौन निवासी राघवेंद्र, संभल निवासी पंकज, कानपुर निवासी मोहम्मद सलीम रिजवी, कानपुर निवासी अनुज श्रीवास्तव, इटावा निवासी सलीम, अंबेडकरनगर निवासी सुनील, अयोध्या निवासी प्रदीप और बांदा निवासी ऋषभ विश्वकर्मा आदि शामिल हैं.
आगरा फोरेंसिक लैब भेजे गए थे सैंपल : आगरा फोरेंसिक लैब के संयुक्त निदेशक अशोक कुमार ने बताया कि हादसे के बाद 15 डीएनए सैंपल जांच के लिए आगरा फोरेंसिक लैब भेजे गए थे. आगरा फोरेंसिक लैब के शशि शेखर पांडेय, गाजियाबाद लैब की उप निदेशक अनीता पुंढीर, लखनऊ लैब की उप निदेशक प्रगति सिंह और पवन कुमार की टीम ने सैंपलों की जांच की. अब तक 11 मरने वालों के शवों की पहचान हो गई है. आगरा में माइक्रो कार्डियल डीएनए जांच की सुविधा नहीं है. 2 डीएनए सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जा रहे हैं.
डीएम ने शवों को ले जाने के लिए उपलब्ध कराई रिपोर्ट : राघवेंद्र के परिजनों ने बताया कि 18 तारीख को डीएनए सैंपल दिया गया था. सीओ महावन संजीव कुमार ने बताया कि बुधवार को कई शवों की डीएनए रिपोर्ट आई. इसके बाद उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए. शवों को ले जाने के लिए जिलाधिकारी की ओर से आर्थिक राहत कोष के तहत एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई. वहीं 4 शवों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है. इसके बाद उनके भी शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे.
सलीम रिजवी के बेटे ने बताया कि स्लीपर बस को पिता ही चला रहे थे. मैं हैदराबाद में रहता हूं. परिवार के अन्य सदस्यों से 15 दिसंबर को शाम को आखिरी बार पिता की बात हुई थी. डीएनए सैंपल देने के बाद उनकी पहचान हो पाई. वही राघवेंद्र के भाई ने बताया कि वह उनका भाई बस से दिल्ली आ रहा था. इस दौरान हादसा हो गया.
16 दिसंबर को हुआ था हादसा : 16 दिसंबर की सुबह घने के कोहरे के बीच मथुरा के यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा हो गया था. माइल स्टोन संख्या 127 पर एक रोडवेज बस, 6 प्राइवेट बसें और 3 कारों में टक्कर हो गई थी. हादसे में स्लीपर बस और कारों में आग लग गई थी. जिंदा जलकर 19 लोगों की मौत हो गई थी. बस सवार दिल्ली जा रहे थे. 15 शवों के बुरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पा रही थी. इसके लिए डीएनए सैंपल लिए गए थे. हादसे में 100 से अधिक लोग घायल हुए थे.






