*_भोजपुरी ‘पावर स्टार’ पवन सिंह को Y श्रेणी सुरक्षा, चार सशस्त्र कमांडो रहेंगे तैनात_*

*_भोजपुरी ‘पावर स्टार’ पवन सिंह को Y श्रेणी सुरक्षा, चार सशस्त्र कमांडो रहेंगे तैनात_*

नई दिल्लीः भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह को ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. खुफिया रिपोर्टों में उन्हें संभावित खतरों का हवाला दिया गया है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की वीआईपी सुरक्षा शाखा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. केंद्रीय सुरक्षा सूची के तहत वीआईपी सुरक्षा कवर उच्चतम जेड-प्लस (एएसएल) से शुरू होकर जेड-प्लस, जेड, वाई, वाई-प्लस और एक्स तक होता है.

 

क्यों दी गयी सुरक्षा

 

39 वर्षीय सिंह को केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिश पर उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान की गई है. मंत्रालय ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उनको संभावित खतरों से संबंधित खुफिया रिपोर्ट को संज्ञान में लिया था. बिहार में उनके आवागमन के दौरान लगभग चार सशस्त्र कमांडो उनकी सुरक्षा करेंगे, जहां 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे.

बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पवन सिंह बीजेपी में वापस आ गए हैं. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के लिए यह खबर राहत भरी है. पवन सिंह ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर बता दिया कि पह बिहार के विकास के लिए पुराने दल में लौट आए हैं. कयास लगाये जा रहे हैं कि वो शाहबाद इलाके से चुनाव लड़ सकते हैं.

 

क्यों छोड़ी थी पार्टी

 

पवन सिंह को भाजपा ने 2024 के आम चुनाव में पश्चिम बंगाल के आसनसोल निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा था. उनके संगीत वीडियो और गानों में बंगाली महिलाओं को अश्लील तरीके से दर्शाने के आरोपों के बाद पार्टी ने उनसे टिकट वापस ले लिया था. जिसके बाद वो बगावत कर निर्दलीय ही काराकाट सीट से चुनाव लड़े. जिस वजह से उनको पार्टी से निकाल दिया था.

 

भाजपा के लिए क्यों है महत्वपूर्ण

 

पवन सिंह के कारण लोकसभा चुनाव 2024 में शाहाबाद इलाके में भारतीय जनता पार्टी और एनडीए का सूपड़ा साफ हो गया था. काराकाट से एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा तीसरे नंबर पर चले गये थे. बिहार से राजपूत नेता आरके सिंह भी इन दिनों बगावती मूड में हैं. इसलिए पवन सिंह की वापसी से शाहाबाद इलाके में पार्टी और गठबंधन को फायदा होने की उम्मीद है.

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