*कुंभकरण और मेघनाद का वध, आज होगा रावण दहन* *श्री शिव नाटक क्लब की रामलीला में राम-लक्ष्मण और रावण की सेना के बीच युद्ध का हुआ सजीव मंचन, विजयदशमी पर होगा पुतला दहन और श्रीराम का राजतिलक*

*कुंभकरण और मेघनाद का वध, आज होगा रावण दहन*

 

*श्री शिव नाटक क्लब की रामलीला में राम-लक्ष्मण और रावण की सेना के बीच युद्ध का हुआ सजीव मंचन, विजयदशमी पर होगा पुतला दहन और श्रीराम का राजतिलक*

 

रुद्रपुर। श्री शिव नाटक क्लब की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के 13वें दिन कुंभकरण और मेघनाद वध की लीला का सजीव मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी सीए अमित गंभीर ने सपरिवार और उद्योगपति हार्दिक ढींगरा ने विधिवत पूजन एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान क्लब पदाधिकारियों ने अतिथियों को अंगवस्त्र और माला पहनाकर स्वागत किया तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

 

इस अवसर पर सीए अमित गंभीर ने रामलीला के सफल आयोजन के लिए श्री शिव नाटक क्लब को बधाई देते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने मर्यादा में रहकर उत्तम जीवन व्यतीत किया, इसलिए उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। उन्होंने सभी रामभक्तों से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। साथ ही रामलीला के सभी पात्रों से मर्यादा और गरिमा के साथ अभिनय करने की अपील की।

 

कुंभकरण और मेघनाद वध का हुआ मंचन

 

रामलीला में दिखाया गया कि विभीषण अपने भाई कुंभकरण को समझाने पहुंचता है, लेकिन कुंभकरण अपने भाई रावण का साथ देना ही अपना धर्म बताता है। वह विभीषण को कुलद्रोही और घर का भेदी कहे जाने की बात कहता है। इसके बाद भगवान श्रीराम कुंभकरण का वध कर देते हैं।

 

वहीं, लक्ष्मण के जीवित होने की सूचना मिलने पर मेघनाद क्रोधित हो उठता है और दोबारा युद्ध में जाने की अनुमति मांगता है। वह मां निकुंभला की पूजा कर शक्ति प्राप्त करने का प्रयास करता है, लेकिन विभीषण लक्ष्मण और हनुमान को पूजा स्थल की जानकारी दे देता है। इससे मेघनाद का यज्ञ भंग हो जाता है।

 

मेघनाद अपने पिता रावण को समझाने का प्रयास करता है कि भगवान श्रीराम कोई साधारण मनुष्य नहीं, बल्कि नारायण के अवतार हैं। हालांकि, अहंकार में डूबा रावण उसकी बात मानने को तैयार नहीं होता। इसके बाद मेघनाद युद्धभूमि में पहुंचता है, जहां लक्ष्मण उसका वध कर देते हैं। इन प्रसंगों के सजीव मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

 

रामलीला में रावण की भूमिका अतुल बांगा, मेघनाद की चेतन खनिजों, कुंभकरण की केशव नारंग, श्रीराम की अभिनव अनेजा, लक्ष्मण की रवि कक्कड़, सुग्रीव की चिराग चुघ, अंगद की दीपांशु, हनुमान की सन्नी कक्कड़ और विभीषण की भूमिका विशाल गुंबर ने निभाई। मंच संचालन जॉली कक्कड़ ने किया।

 

आज होगा रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन

 

विजयदशमी के अवसर पर आज इंद्रा कॉलोनी स्थित रामलीला ग्राउंड में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाएगा। इसके बाद प्रभु श्रीराम का राजतिलक और प्रसाद वितरण होगा।

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