शिक्षा के नाम पर लूट पर रोक लगे, वरना होगा आंदोलन: सुब्रत विश्वास
रुद्रपुर (उत्तराखंड)। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में संचालित निजी विद्यालयों में शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से मनमानी वसूली का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर समाजसेवी सुब्रत कुमार विश्वास ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही इस प्रकार की अनियमितताएं बंद नहीं हुईं, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के कई निजी विद्यालयों में प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को चिन्हित दुकानों से ही किताबें, यूनिफॉर्म व अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। विद्यालयों की ओर से जारी पत्रों में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए जा रहे हैं कि निर्धारित दुकानों से ही सामग्री खरीदी जाए, अन्यथा विद्यार्थियों को कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
अभिभावकों का कहना है कि इन दुकानों पर किताबों और यूनिफॉर्म के दाम बाजार की तुलना में काफी अधिक हैं। एक अभिभावक संजय कुमार ने बताया कि जहां बाजार में सामग्री कम कीमत पर उपलब्ध है, वहीं स्कूल द्वारा निर्धारित दुकानों पर दाम दोगुने तक वसूले जा रहे हैं। कक्षा एक के लिए किताबों का सेट 12 से 15 हजार रुपये तक और यूनिफॉर्म का एक सेट 2 से 3 हजार रुपये में बेचा जा रहा है।
सुब्रत कुमार विश्वास ने इसे स्कूल प्रबंधन और दुकानदारों के बीच गठजोड़ बताते हुए कहा कि यह सीधा-सीधा अभिभावकों का आर्थिक शोषण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की गतिविधियों में प्रभावशाली लोगों के संस्थान भी शामिल हैं, जिसके चलते प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
उन्होंने मांग की कि सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य की जाएं, निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों पर रोक लगे तथा अभिभावकों को अपनी सुविधा अनुसार कहीं से भी सामग्री खरीदने की स्वतंत्रता दी जाए। इसके अलावा किताबों और यूनिफॉर्म के दामों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और संबंधित विद्यालयों की जांच कराने की भी मांग की गई है।
विश्वास ने कहा कि यदि शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो अभिभावकों, सामाजिक संगठनों एवं छात्रों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने इसे केवल रुद्रपुर ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी फैल रही व्यापक समस्या बताया।
इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







