*_दिल्ली में कमर्शियल गैस की किल्लत: अब प्राथमिकता के आधार पर मिलेंगे सिलेंडर, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन_*

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*_दिल्ली में कमर्शियल गैस की किल्लत: अब प्राथमिकता के आधार पर मिलेंगे सिलेंडर, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन_*
नई दिल्ली: राजधानी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती किल्लत और कालाबाजारी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने शनिवार को ‘कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर वितरण नीति 2026’ जारी कर दी है. नई नीति के तहत अब रेस्टोरेंट, होटल और अस्पतालों को उनकी जरूरत और प्राथमिकता (पैरियोरिटी) के आधार पर ही सिलेंडर आवंटित किए जाएंगे. सरकार ने स्पष्ट किया है कि दैनिक खपत का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही विनियमित वितरण के लिए उपलब्ध होगा.
9000 की जगह 1800 सिलेंडरों का कोटा तय
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के बाद तैयार इस नीति के अनुसार, दिल्ली में तीन तेल वितरण कंपनियों (IOC, BPCL और HPCL) द्वारा कुल दैनिक बिक्री लगभग 9000 सिलेंडर है. वर्तमान कमी को देखते हुए सरकार ने प्रतिदिन लगभग 1800 सिलेंडरों का कोटा निर्धारित किया है. इस कोटे का वितरण कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी के अनुसार होगा, जिसमें सर्वाधिक 58% आपूर्ति इंडियन ऑयल द्वारा की जाएगी.

किसे मिलेगी कितनी प्राथमिकता
विभाग ने उपभोक्ताओं को आठ श्रेणियों में बांटा है। सबसे पहली प्राथमिकता शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, रेलवे और हवाई अड्डों को दी गई है, जिन्हें उनकी आवश्यकता का 100 प्रतिशत तक सिलेंडर मिलेगा. इनके लिए कुल कोटे का 11% आरक्षित रखा गया है.

अन्य प्रमुख आवंटन इस प्रकार हैं

रेस्टोरेंट और भोजनालय: इन्हें सबसे बड़ा हिस्सा (42%) आवंटित किया गया है.

सरकारी संस्थान व कैंटीन: इन्हें 13% कोटा मिलेगा.

डेयरी व बेकरी: इनके लिए 11% सिलेंडर आरक्षित रहेंगे.

होटल व गेस्ट हाउस: इन्हें कुल कोटे का 4% हिस्सा ही मिल पाएगा.

कैटरर्स व बैंकट हॉल: इनके लिए 9% का कैप निर्धारित किया गया है.

बुकिंग के लिए ‘पहले आओ-पहले पाओ’ का नियम

नई नीति के अनुसार, 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. अब केवल 19 किलो वाले मानक सिलेंडरों की ही आपूर्ति होगी. आपूर्ति मुख्य रूप से ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की तर्ज पर की जाएगी. यदि किसी दिन मांग पूरी नहीं होती है, तो उसे अगले दिन की उपलब्धता के आधार पर पूरा किया जाएगा.

कालाबाजारी पर रहेगी पैनी नजर
जमाखोरी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. दिल्ली पुलिस, खाद्य आपूर्ति विभाग और तेल कंपनियों की एक संयुक्त प्रवर्तन टीम गठित की गई है. यह टीम नियमित निरीक्षण करेगी. यदि कोई भी सिलेंडर की कालाबाजारी, कम वजन या अवैध भंडारण में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

वैकल्पिक ऊर्जा अपनाने की सलाह
सरकार ने संकट के इस समय में संस्थानों से अपील की है कि वे एलपीजी पर निर्भरता कम करें. इसके विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक इंडक्शन, स्टीम कुकिंग और जहां संभव हो वहां पीएनजी कनेक्शन अपनाने को प्रोत्साहित किया गया है. विभाग ने लोगों से पैनिक बुकिंग न करने और जमाखोरी से बचने का भी आग्रह किया है.


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