*_’स्वर्ग से कोयला हब बन गया गोवा’, कांग्रेस ने BJP पर क्षेत्र को बर्बाद करने का आरोप लगाया_*
नई दिल्ली: कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार और गोवा सरकार पर क्षेत्र के हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज करके बड़े पैमाने पर तबाही को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. पार्टी ने कहा कि वह गोवा की पहचान को “सुरक्षित” रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, गोवा कांग्रेस के प्रभारी महासचिव माणिकराव ठाकरे ने कहा, “गोवा पूरे देश में एक खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर जाना जाता है. गोवा की प्रकृति और संस्कृति की रक्षा करना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है.”
इस मौके पर गोवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पाटकर और साउथ गोवा सीट से लोकसभा सांसद विरियाटो फर्नांडीस (Viriato Fernandes) भी मौजूद थे.
माणिकराव ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्र और गोवा दोनों जगह सत्ता में है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए ठाकरे ने कहा, “2014 में नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार के लिए गोवा आए थे. तब उन्होंने कहा था ‘मुझे यहां अच्छे लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल मिला था, और एक बार भाजपा की सरकार बन जाने पर, हम गोवा को बचाने के लिए कदम उठाएंगे.’ वह गोवा के लोगों से किए वादे भूल गए हैं, और पिछले 12 वर्षों से भाजपा सरकार ने गोवा के लिए कुछ नहीं किया है.”
सांसद फर्नांडीस ने गोवा के लिए विशेष दर्ज की मांग करते हुए संसद में उनके द्वारा पेश किए गए प्राइवेट मेंबर बिल का जिक्र किया और कहा, “हमने एक संविधान संशोधन विधेयक, 2025 पेश किया है. जब संविधान बनाया गया था, तो अलग-अलग राज्यों की पहचान, आदिवासी जमीन, संस्कृति और परंपराओं की सुरक्षा के लिए अनुच्छेद 371 को शामिल किया गया था. इसी भावना से, गोवा अनुच्छेद 371-I के तहत आता है. इस संशोधन के जरिये, हम अनुच्छेद 371-IA को शामिल करने का प्रस्ताव करते हैं.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह विधेयक पारंपरिक समुदायों, मछुआरों, अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों, ओबीसी के साथ-साथ गोवा की भाषा, त्योहारों, लोक कलाओं, संस्कृति और विरासत के अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित और संरक्षित करता है.भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “तथाकथित डबल इंजन सरकार ने गोवा को बड़े पैमाने पर बर्बाद कर दिया है.”
उन्होंने कहा कि 2020 के लॉकडाउन के दौरान, तीन लीनियर प्रोजेक्ट्स – रेलवे डबल ट्रैकिंग, रोड एक्सपेंशन, और तमनार प्रोजेक्ट – को कॉर्पोरेट फायदे (अडाणी) के लिए कोयला ट्रांसपोर्ट को आसान बनाने के लिए आगे बढ़ाया गया. इससे गोवा में भारी तबाही हुई.
सांसद ने आगे कहा, “मोरमुगाओ पोर्ट को कोयला हैंडल करने के लिए एक मेजर पोर्ट अथॉरिटी में बदल दिया गया, जिससे गोवा स्वर्ग से कोयला हब बन गया. जैसे-जैसे गोवा की जमीन, नदियां, पहाड़ियां, खजान जमीन और आदिवासी इलाकों पर कब्जा किया जा रहा है, यह बिल गोवा की पहचान बचाने और हमारी जमीन और नदियों को वापस पाने की एक कोशिश है.”
गोवा कांग्रेस के अध्यक्ष अमित पाटकर ने कहा, “गोवा में भाजपा सरकार राज्य के जंगलों और वन आवरण को बदलने और बेचने की कोशिश कर रही है. इसीलिए हमने जो बिल पेश किया है, वह गोवा की पहचान की रक्षा करेगा. जब तक यह बिल पास नहीं हो जाता, हम संसद से लेकर सड़क तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.”
खजान गोवा की एक पारंपरिक खेती की पद्धति है. इसमें अधिकांश चावल-मछली के खेत होते हैं जो इंसानों द्वारा बनाए गए तटीय वेटलैंड्स, नमक के दलदल और मैंग्रोव जंगलों में बनाए जाते हैं. इसमें समुद्र के पानी को खेतों में घुसने से रोकने के लिए बांध और स्लुइस गेट बनाना शामिल है.






