उत्तराखंड ने बढाए प्लास्टिक मुक्ति की ओर कदम
राजधानी में लगाई गई प्लास्टिक वेस्ट क्रशर मशीन,सिंगल यूज प्लास्टिक बोतल को क्रश करके बनाए जाएंगे फर्नीचर एवं सड़क
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में अनेक प्रमुख धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ कई विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल भी हैं, जिसके चलते उत्तराखंड में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही साल भर बनी रहती है। उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक वैसे तो राज्य की आर्थिकी में बड़ा महत्वपूर्ण योगदान देते हैं लेकिन वे अपने इस योगदान साथ-साथ उत्तराखंड एवं पर्यावरण की दृष्टि से अति संवेदनशील उच्च हिमालय क्षेत्र को वेस्ट प्लास्टिक के रूप में एक बड़ी सिरदर्दी भी दे जाते हैं। समूचे उत्तराखंड के साथ-साथ उच्च हिमालय क्षेत्र में जहां-तहां फेंक दिए जाने वाले वेस्ट प्लास्टिक के संभावी दुष्परिणाम के प्रति पर्यावरण विद् सरकार को अनेक बार चेता चुके हैं पर्यावरण विज्ञानियों की चेतावनी और मशवरे को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड सरकार ने अब सूबे को प्लास्टिक मुक्त बनाने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड’ के संकल्प को मूर्त रूप देने की गरज से राज्य की राजधानी देहरादून के दून अस्पताल चौक में एक ऑटोमेटिक प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन की शुरुआत की है।इस मशीन से सिंगल यूज बोतल को क्रश किया जाएगा। नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि ऑटोमेटिक प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक के बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण करना है। साथ ही प्लास्टिक वेस्ट से टेबल, चेयर, फ्लावर पॉट और घर की सजावटी वस्तुओं को बनाने पर फोकस रहेगा। इस ऑटोमेटिक मशीन का संचालन मनसा फैसिलिटी एंड प्राइवेट लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है, जो कि प्लास्टिक की बोतलों को रिसाइकिल करेगा। एक करार के तहत नगर निगम रिसाइकल रॉ मैटेरियल को सीधा खरीदेगा तथा रीसायकल रा मटेरियल द्वारा फर्नीचर आदि तैयार कर शहर के मुख्य चौराहे पर इस्तेमाल करेगा। नगर निगम देहरादून की इस अभिनव पहल से न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आम जनता को भी प्लास्टिक के सही निस्तारण के लिए प्रेरणा मिलेगी। नगर आयुक्त के अनुसार देहरादून नगर निगम ट्रायल बेस पर यह मशीन शहर के अन्य 50 स्थान पर भी लगाने जा रहा है । जिसमें प्रमुख पर्यटक स्थल, रेलवे, बस स्टेशन, शैक्षणिक संस्थान, पार्क, सरकारी भवन और शहर के मुख्य चौराहे शामिल हैं। नगर आयुक्त ने आगे बताया की प्लास्टिक वेस्ट से इकोनॉमी मॉडल के तर्ज पर फर्नीचर बनाने के अलावा रोड निर्माण समेत अन्य कार्यों में इस्तेमाल किए जाने की योजना है ताकि, सिंगल यूज प्लास्टिक को डिस्पोज किया सके साथ ही उसका जो वेस्ट है, उसे भी इस्तेमाल में लाया जा सके।






