*_अखिलेश यादव बोले- सत्ता जब अधर्म करने लगे, वही कलयुग, भाजपा सनातन की सगी नहीं_*

*_अखिलेश यादव बोले- सत्ता जब अधर्म करने लगे, वही कलयुग, भाजपा सनातन की सगी नहीं_*

लखनऊ: समाजवादी आंदोलन के पुरोधा और ‘छोटे लोहिया’ के नाम से विख्यात जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्क पहुंचकर जनेश्वर मिश्र को नमन किया और श्रद्धांजलि दी. इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

अखिलेश यादव ने कहा कि जब देश में पूंजीवादी ताकतें हावी होती हैं, तब समाजवादियों की जिम्मेदारी और चिंता दोनों बढ़ जाती हैं. अब जब पूंजीवादी हावी होगी तो हम समाजवादियों की चिंता होगी कि समाजवादी आंदोलन, जनेश्वर जी, बाबा साहब, लोहिया जी और नेताजी के आदर्शों को कैसे आगे बढ़ाया जाए. किसी भी साधु-संत का अपमान होगा और कोई भी सरकार करेगी तो समाजवादी पार्टी उसके खिलाफ खड़ी होगी.

डिप्टी सीएम पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा, अगर उन्होंने बाटी-चोखा खाया तो प्रतिमा की तरह खड़ा होना पड़ेगा. उन्हें तो चरणों में लोटकर माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि जिस सरकार के वे डिप्टी सीएम हैं, उन्हें कई बार डांट पड़ जाती है.नोएडा में इंजीनियर की मौत का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “सवाल यह है कि घटना होने के बाद सरकार के तमाम विभाग उस व्यक्ति की जान क्यों नहीं बचा पाए. सुनने में आ रहा है कि ठंडा पानी होने के कारण कोई जान बचाने नहीं आया. सरकार की लापरवाही की वजह से उस इंजीनियर की जान गई है.

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए खुद को जनहित के मुद्दों पर मुखर बताया है. सत्ता जब अधर्म करने लगे, वही कलयुग है.अखिलेश यादव ने कहा कि “धर्म विरोधी भाजपा और उनके संगी-साथी अपने दंभ के वश में सनातन धर्म का जो अपमान कर रहे हैं, उससे समस्त सनातनी समाज आक्रोशित हो गया है. यहां तक कि जिन कनिष्ठ कर्मचारियों को भाजपा सरकार साधु-संतों के अपमान का ये निकृष्ट कुकृत्य करने के लिए बाध्य कर रही है वो भी इस पाप को करना नहीं चाहते हैं और अंदर से डरे हुए हैं. उनके बीच भी एक अंदरूनी आक्रोश जन्म ले चुका है, लेकिन नौकरी की मजबूरी की वजह से वो बाहरी तौर पर शांत हैं. भाजपा के समर्थक तक शर्मिंदा हैं! भाजपा जब सनातन की सगी नहीं है, तो बाक़ी किसी और की क्या होगी’.

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