*_भारत में चुनावी लोकतंत्र के लिए BLOs बुनियादी स्तंभ हैं: CEC ज्ञानेश कुमार_*

Spread the love

*_भारत में चुनावी लोकतंत्र के लिए BLOs बुनियादी स्तंभ हैं: CEC ज्ञानेश कुमार_*

नई दिल्ली: 9 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बीच, चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की तारीफ की और उन्हें भारत में चुनावी लोकतंत्र का आधार स्तंभ बताया.

उन्होंने कहा कि वोटर्स की जिम्मेदारी और यह पक्का करना कि सभी एलिजिबल वोटर्स का नाम इलेक्टोरल रोल में हो बीएलओ की है. खास बात यह है कि 5.32 लाख से ज्यादा बीएलओ और उससे ज्यादा लोग दूसरे फेज में चल रहे एसआईआर एक्सरसाइज में लगे हुए हैं, जिसका मकसद मतदाता सूची का शुद्धिकरण करना है.

भारत मंडपम में चुनाव आयोग (ECI) द्वारा आयोजित किए जा रहे तीन दिन के इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IICDEM) में अपने उद्घाटन भाषण में मुख्य चुनाव आयुक्त ने इंडिया को लोकतंत्र की जननी कहा. उन्होंने कहा, ‘भारत में हर पोलिंग बूथ पर लगभग 970 वोटर होते हैं. वोटरों की जिम्मेदारी और यह पक्का करना कि सभी योग्य वोटर वोटर लिस्ट में शामिल हों, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जिम्मेदारी है.

बीएलओ भारत में चुनावी लोकतंत्र की नींव और बुनियादी स्तंभ है.’ संविधान का हवाला देते हुए सीईसी ने कहा, ‘हमारे संविधान के अनुसार भारतीय चुनावों को दो व्यापक खंडों में विभाजित किया गया है. एक है मतदाता सूची तैयार करना और दूसरा है चुनावों का संचालन.’ उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कानून के मुताबिक हर योग्य वोटर को शामिल करते हुए शुद्ध मतदाता सूची जरूरी है, और कहा कि सभी चुनाव उसी मतदाता सूची के आधार पर हो रहे हैं.

2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कुमार ने याद दिलाया कि कैसे भारतीय चुनाव साल दर साल लॉजिस्टिक, नंबर और ट्रांसपेरेंसी के मामले में दुनिया के सबसे बड़े चुनावी कामों में से एक बन गए हैं. उन्होंने कहा, ‘2024 के लोकसभा चुनावों में 640 मिलियन से ज्यादा लोगों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया. इस काम में दस लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन और लगभग दो करोड़ लोग शामिल हुए. यह एक बड़ी कामयाबी है.’

बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, ‘बिहार में कुछ महीने पहले विधानसभा चुनाव हुए थे. पहला स्टेप एलिजिबल वोटर्स को शामिल करके मतदाता सूची को शद्ध करना था, वह स्टेज पूरा हो गया. चुनावी कानून के तहत किसी भी विधानसभा क्षेत्र के मतदाता के लिए अपील फाइल करने का प्रावधान है ताकि कोई गलत नाम शामिल न हो और कोई सही नाम बाहर न हो.’

कुमार ने कहा, ‘बिहार और पूरे देश में सभी नागरिकों की कड़ी निगरानी में वोटर लिस्ट को फाइनल किया गया और फिर चुनाव हुए. एक भी दोबारा वोटिंग नहीं हुई. हमारे अधिकारियों ने इतनी कुशलता बनाए रखी.’ तीन दिन की कॉन्फ्रेंस के बारे में बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, ‘हम यहां वोटरों के भविष्य के रास्ते, चुनौतियों और उम्मीदों को समझने और इस प्रोसेस को और आसान, पारदर्शी, निष्पक्ष बनाने के लिए हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हम दुनिया में डेमोक्रेसी का एक एटलस लाने पर भी काम कर रहे हैं. ड्राफ़्ट लगभग तैयार है. इसे मेंबर देशों (इंटरनेशनल डेलीगेशन) के साथ शेयर किया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर सुधार और चीजें जोड़ी जा सकें. यह चुनावी प्रोसेस और डेमोक्रेसी कैसे काम करती है, इसकी एक खास बात होगी.’ यह तीन दिन की कॉन्फ्रेंस डेमोक्रेसी और इलेक्शन मैनेजमेंट के क्षेत्र में भारत द्वारा होस्ट की गई अपनी तरह की अब तक की सबसे बड़ी कॉन्फ्रेंस है, जिसमें दुनिया भर से इलेक्शन मैनेजमेंट बॉडी के हेड शामिल होंगे.


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *