*_1984 सिख विरोधी दंगा: आरोपी जगदीश टाइटलर के खिलाफ कोर्ट में पेश नहीं हुआ कोई गवाह_*

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*_1984 सिख विरोधी दंगा: आरोपी जगदीश टाइटलर के खिलाफ कोर्ट में पेश नहीं हुआ कोई गवाह_*

नई दिल्ली: दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में मंगलवार को 1984 सिख विरोधी दंगों से जुड़े पुलबंगश गुरुद्वारा हिंसा के आरोपी जगदीश टाइटलर के खिलाफ दर्ज मामले में कोई गवाह पेश नहीं हुआ. स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह के उपलब्ध नहीं होने की वजह से मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को नियत किया गया.दरअसल, आज गवाह मनमोहन कौर को पेश होना था, लेकिन उनके परिवार के किसी सदस्य की मौत की वजह से वो पेश नहीं हो सकीं. बता दें कि 12 जुलाई 2025 को गवाह हरपाल कौर बेदी के बयान दर्ज किए गए थे. हरपाल कौर बेदी ने आरोपी टाइटलर की कोर्ट में पहचान की थी.

हरपाल कौर बेदी ने कहा था कि टाइटलर की ओर से जान से मारने की धमकियां मिली जिसकी शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. कौर ने घटना वाले दिन का वाक्या बताते हुए कहा था कि पुलबंगश गुरुद्वारे पर जगदीश टाइटलर आया और उसने भीड़ को उकसाया. टाइटलर के उकसाने के बाद भीड़ ने गुरुद्वारा जलाया और तीन सिखों को मार डाला.

हरपाल कौर बेदी ने बताया कि गुरुद्वारे के पास उनकी टीवी की होलसेल की दुकान थी. उस दुकान को भी भीड़ ने लूटा. जब बेदी अपने घर से निकलकर देखे तो भीड़ दुकान को लूट रही थी. बेदी ने बताया कि जगदीश टाइटलर कार से आए और गुरुद्वारे के पास आकर भीड़ को उकसाया, जिसके बाद भीड़ ने गुरुद्वारा में आग लगा दी. शाम को भीड़ आयी और तिलकराज के घर छिपे हुए सिखों को निकालकर काट डाला और छत से नीचे फेंक दिया. सिखों की हत्या करने के बाद उनका शव रेहड़ी पर डाला और उस पर टायर डालकर आग लगा दी.

 

हरपाल कौर बेदी ने कहा कि उनके पति अमरजीत बेदी भी कांग्रेस के नेता थे और टाइटलर उनकी दुकान पर आता था, जिसकी वजह से उन्होंने टाइटलर को पहचान लिया. इस मामले की शिकायतकर्ता लखविंदर कौर ने अपने बयान में कहा था कि ग्रंथी सुरेंद्र सिंह ने उन्हें बताया कि उनके पति बादल सिंह को गुरुद्वारा पुलबंगश के पास भीड़ ने हत्या कर दी. टाइटलर उस भीड़ को उकसा रहे थे और कह रहे थे कि सिखों को मार दो , उजाड़ दो, गुरुद्वारा को आग लगा दो.

बता दें कि कोर्ट ने 4 अगस्त 2023 को जगदीश टाइटलर को अग्रिम जमानत दी थी. कोर्ट ने 26 जुलाई 2023 को जगदीश टाइटलर के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. सीबीआई ने इस मामले में टाइटलर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 109 और 302 के तहत लगाया है. सीबीआई के मुताबिक टाइटलर ने भीड़ को उकसाया था, जिसके बाद भीड़ ने पुलबंगश के गुरुद्वारे में आग लगा दिया था.


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