*_बिहार में AI से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का ‘डीपफेक’ वीडियो बनयाा, युवक गिरफ्तार_*

*_बिहार में AI से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का ‘डीपफेक’ वीडियो बनयाा, युवक गिरफ्तार_*

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज और छवि का दुरुपयोग कर एआई तकनीक से फर्जी वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है. यह मामला देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया जा रहा है.

फर्जी वीडियो की मिली थी सूचना: दो जनवरी को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान मुजफ्फरपुर पुलिस को एआई जनरेटेड फर्जी वीडियो की जानकारी मिली. वीडियो में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम, स्वरूप एवं आवाज का दुरुपयोग किया गया था. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने इसकी गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच के निर्देश दिए.

विशेष टीम का गठन और त्वरित कार्रवाई: घटना की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का संकलन कर आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया. ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि साइबर थाने में कांड संख्या 1/26 दर्ज की गई है.

आरोपी की पहचान और जब्ती: गिरफ्तार आरोपी की पहचान बोचहां थाना क्षेत्र के भगवानपुर निवासी प्रमोद कुमार राज के रूप में हुई है. पुलिस ने उसके पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया है. पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने एआई तकनीक का उपयोग कर वीडियो संपादित किया था.

 

फर्जी वीडियो का उद्देश्य और खतरा: जांच में पता चला कि इस फर्जी वीडियो का मकसद आम जनता में भ्रम फैलाना, संवैधानिक पदों की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाना तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना था. इससे सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी.

 

आगे की जांच जारी: एसपी ने बताया कि आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल हो रही है. बोचहां सहित अन्य थानों से संपर्क कर पूर्व के मामलों की जानकारी ली जा रही है. यदि कोई पुराना मामला सामने आता है तो आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी. साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की है.

“सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के तहत फर्जी एआई जनरेटेड वीडियो का मामला सामने आया था. वीडियो की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना में कांड संख्या 1/26 दर्ज की गई. इसके बाद युवक की पहचान की गई और उसे मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया गया.”-राजेश सिंह प्रभाकर, ग्रामीण एसपी

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