*_अंकिता भंडारी केस: नए वीडियो से BJP में मची खलबली, कांग्रेस ने की CBI जांच की मांग_*
नई दिल्ली: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को जोर-शोर से उठाते हुए आरोप लगाया है कि महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस के भाजपा के दावों की पोल खुल गई है. पार्टी का कहना है कि भाजपा हमेशा ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करती है, लेकिन अपने नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती. भाजपा सूत्रों की मानें तो, पार्टी हाईकमान इस मामले पर करीब से नजर रख रहा है और विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या सितंबर 2022 में हुई थी. वह पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं. रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता ने अंकिता की हत्या कर दी थी. आरोप था कि अंकिता ने रिजॉर्ट में ‘विशेष सेवाएं’ देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद विवाद हुआ और उसे चीला नहर में धकेल दिया गया.मई 2025 में कोटद्वार कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई. पुलकित आर्य के पिता विनोद आर्य भाजपा के पूर्व नेता थे, जिन्हें पार्टी ने 2022 में ही निष्कासित कर दिया था.
कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला
लेकिन नया विवाद हाल ही में एक वायरल वीडियो और ऑडियो में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर के दावे के बाद शुरू हुआ है जिसको लेकर कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. नेताओं के हमले के साथ-साथ कांग्रेस अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से भी भाजपा को महिला सुरक्षा विरोधी पार्टी बताकर जोरशोर से प्रचार प्रसार कर रही है. कांग्रेस ने अंकिता हत्याकांड, उन्नाव रेप मामला और मध्य प्रदेश के भाजपा नेता अजय सिंह पर लगे रेप के मामले को लेकर सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल कर रही है.
अंकिता मामले में एक ‘वीवीआईपी’ (जिसे ‘गट्टू’ कहा गया) शामिल था. इस नाम से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम का नाम जोड़ा जा रहा है. हालांकि गौतम ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे ‘आपराधिक साजिश’ बताया और सोशल मीडिया से फर्जी सामग्री हटाने की मांग की है. उन्होंने मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी भी दी है. वहीं, कांग्रेस ने इस वीडियो के आधार पर सीबीआई जांच की मांग की है और आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने सबूत नष्ट करने की कोशिश की तथा आरोपी नेताओं को बचाया.
कांग्रेस ने भाजपा के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारे को भी खोखला बताया है और केंद्र सरकार को भी घेरा है.
भाजपा में हलचल
ऐसे में जो महिलाएं भाजपा की कोर वोटर मानी जा रही हैं उन्हीं के मामले में पार्टी पर लग रहे आरोपों ने नेताओं में हलचल पैदा कर दी है. पार्टी सूत्रों की मानें तो इस मुद्दे पार्टी काफी गंभीर है. सूत्रों के मुताबिक पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस विवाद पर नजर रखे हुए है. दुष्यंत गौतम के नाम जुड़ने से पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. हाईकमान ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और जल्द ही कोई फैसला लिया जा सकता है.
हालांकि, दुष्यंत कुमार गौतम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने 25 दिसंबर 2025 को उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बागोली को पत्र लिखकर मांग की कि सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसी आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो सामग्री हटाई जाए और इसका प्रसार रोका जाए. पत्र में उन्होंने 28 फेसबुक आईडी, 9 इंस्टाग्राम हैंडल, 8 यूट्यूब चैनल और 2 एक्स हैंडल की सूची भी सौंपी.मगर कांग्रेस पार्टी ने वीडियो के आधार पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग तक उठा दी है. कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर ‘बेटी बचाओ’ नारे की पोल खोलने का आरोप लगाया और ‘वीवीआईपी’ की पहचान उजागर करने की मांग की.
आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों में विधानसभा चुनाव है और हाल ही के बिहार चुनाव के अलावा कई और चुनावों में भी भाजपा का साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने दिया है और वो बीजेपी की कोर वोटर्स में शुमार हो चुकी हैं. इसलिए ऐसे मामलों में पार्टी की किरकिरी को भाजपा शीर्ष नेतृत्व बर्दास्त करने के मूड में नजर नहीं आ रहा.
आरोपी नेताओं पर हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई
सूत्रों की मानें तो जांच चलने तक कथित आरोपी नेताओं को पार्टी के कार्यों से दूर करने को लेकर भी मंथन चल रहा है. मगर इससे कहीं नेगेटिव मैसेज न जाए इस बात को लेकर भी पार्टी विचार कर रही है. भाजपा सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेताओं ने इस मामले में उत्तराखंड के अन्य नेताओं से भी बातचीत की है, जिससे ये अंदाजा लगाया जा रहा कि पार्टी जल्द ही इसपर कोई निर्णय या करवाई कर सकती है. मगर फिलहाल केंद्रीय नेताओं को इस मामले में चुप्पी साधे रखने की हिदायत दी गई है.
उधर उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर पीड़िता का अपमान करने और पुराने मामले को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया है. पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी कहा कि अगर आरोप साबित हुए तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा.वहीं, अंकिता के परिवार ने वीडियो वायरल करने वाली महिला उर्मिला से सभी सबूत कोर्ट में पेश करने की अपील की है. उन्होंने उर्मिला की सुरक्षा की भी मांग की, साथ ही कहा कि न्याय सभी बेटियों के लिए जरूरी है.उधर कांग्रेस लगातार इस मामले को तूल दे रही जिसे देखते हुए लगता है कि विपक्ष इस मुद्दे को महिला सुरक्षा से जोड़कर आगामी चुनावों में भी इस्तेमाल कर सकती है.
नाम ना उजागर करने की शर्त पर भाजपा के एक राष्ट्रीय प्रवक्ता का कहना है कि पार्टी में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है लेकिन पार्टी जल्दबाजी या किसी के दबाव में कोई निर्णय नहीं लेती है. यदि अपनी जांच के बाद पार्टी नेतृत्व को लगेगा कि कोई कार्रवाई करनी है तभी किसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, राजनीतिक विद्वेष के कारण लगाए गए आरोपों के दबाव में नहीं. उन्होंने कहा कि ये मामला कोर्ट में है और कोर्ट दूध का दूध पानी का पानी कर देगा. कांग्रेस को इसकी चिंता करने की आवश्यकता नहीं, हमारी सरकार के लिए महिला सुरक्षा सर्वोपरि है.






