*_चार करोड़ की ठगी गैंग का सरगना गिरफ्तार: क्रिप्टो और स्टॉक के नाम पर 14 राज्यों में कर चुका वारदात_*
बूंदी: बूंदी पुलिस ने ऑपरेशन साइबर वज्र प्रहार 2.0 में बड़ी कामयाबी हासिल की, जब 10 माह से चकमा दे रहे 10 हजार रुपए के इनामी अंतरराज्यीय साइबर ठग विशाल मोमतिया उर्फ उर्फ विशाल नामा उर्फ विश्शु पुत्र महेंद्र कुमार को धर दबोचा. उस पर 14 राज्यों के लोगों से करीब 4 करोड़ रुपए की साइबर ठगी करने का आरोप है.
पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा ने दावा किया कि यह गिरफ्तारी हाल में साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई में से एक है. साइबर क्राइम सेल के उप-अधीक्षक ओमप्रकाश मीणा के नेतृत्व में बूंदी टीम ने महीनों तक डिजिटल ट्रैकिंग, गुप्त निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के बाद आरोपी को दबोचा. एसपी ने बताया कि 1 फरवरी 2025 को दर्ज प्रकरण में दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके, परंतु मुख्य सरगना विशाल मोमतिया लगातार लोकेशन बदलकर पुलिस को भटका रहा था. आखिर टीम ने आरोपी को कोटा क्षेत्र से गिरफ्तार किया.
टैक्स सेविंग और ट्रेडिंग के नाम पर ठगी: एसपी मीणा ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने एक स्थानीय व्यक्ति को GST व इनकम टैक्स में बचत कराने, सिबिल स्कोर सुधारने का झांसा देकर उसके दो बैंक खाते और संबंधित दस्तावेज प्राप्त किए. इन्हीं खातों को साइबर अपराधियों ने अपने अवैध वित्तीय नेटवर्क से जोड़ा. उसके बाद आरोपियों ने देशभर के लोगों को क्रिप्टो ट्रेडिंग, शेयर मार्केट, IPO अलॉटमेंट, वित्तीय निवेश के नाम पर झांसा देकर चार करोड़ से अधिक रुपए अपने खातों में डलवाए.
निशाने पर इन राज्यों के लोग: एसपी ने बताया कि गिरोह ने ठगी का नेटवर्क राजस्थान, नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, बृहन मुंबई, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, ओडिशा, तमिलनाडु और झारखंड तक फैला रखा था. गिरोह सैकड़ों लोगों की मेहनत की कमाई पार कर चुका. गैंग का सरगना 10 माह से फरार था. आरोपी विशाल कोटा की छावनी का रहने वाला है. आरोपी की तकनीकी समझ और भ्रमजाल से पुलिस भी पार नहीं पा पाई.


